बुधवार, 2 जून 2010

वार ऑफ़ द ब्लाग्गर्स {जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन के गठन की बात सुनकर, सीनियर लोग न जाने कहा गायब हो गए}.... सन्तोष कुमार "प्यासा"

जब गुटबाजी की ठहर ही गई तो अब काहे चुप रहना ! वैसे भी धर्मग्रन्थ कहते है की अन्याय सहना सबसे बड़ा पाप है ! इसी लिए ब्लोगिंग में हो रहे अन्याय को मिटाने के लिए "जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन" का गठन किया गया ! इससे पहले अपने आप को सीनियर ब्लोग्गर कहलवाने वाले बहुत उड़ रहे थे लेकिन अब सब शांत है ! कही किसी सीनियर ब्लोग्गर का पता नहीं सब कहा चले गए है !

बस हा कायरों की तरह "बेनामी" का कवच पहन कर फूहड़ टिप्पड़ियाँ करने के अलावा इनके पास और कुछ नहीं बचा है ! गन्दी गन्दी टिप्पड़िया करके ये लोग अपनी महानता का परिचय बखूबी दे रहे है ! कुछ लोगो ने कहा की नीशू जी मिथिलेश जी के दाहिने हाथ है ! तो कुछ कह रहे है की "जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन" एक संगठन नहीं बल्कि गैंग है !

तो ऐसे महाज्ञानियों से कहना चाहूँगा की एक मित्र अपने मित्र का दाया, बाया हाँथ, सर, दिमाग, मुह, आँख, कान सब होता है ! और रही गैंग की बात तो मेरे ज्ञानानुसार गैंग का हिंदी अर्थ "मंडली या समूह" भी होता है ! यदि आप "जूनियर ब्‍लागर एसोशिएशन" को गैंग कहना चाहे तो बेहिचक कह सकते है !

और हा एक बात "बेनामी टिप्पड़ीकारों से कहना चाहूँगा की "आप लोग कह रहे है की हम हिजड़े है !" मै पूंछता हूँ की हमारे किस बात विचार से प्रभावित होकर हमें आपने हिजड़ा कहा ! अरे हिजड़ो जैसी हरकत तो तुम कर रहे हो ! बेनामी बन कर टिप्पड़ी करने का कारण कायरता और डर ही है ! हम तो खुलेआम लिख रहे है ! आप ही कायरों की तरह बर्ताव कर रहे है ! अरे भाई दम है तो खुलकर आओ ! और जैसे आना हो वैसे आओ ! क्या छुप-छुप टिप्पड़ी करते हो !

और अंत में..........................


अब आएगे काबू में हम, हजारो के नहीं


अपना रिश्ता तूफानों से है किनारों से नहीं

12 टिप्‍पणियां:

  1. निशु पर सारी बेनामी टिपण्णी 36 गढ़ का एक बाबला कर रहा है...

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  2. कहना चाहूँगा कि:::::::::

    संतोष 'प्यासा' तुम चाँद हो जगमगाओ ऐसी सान से
    सीनियर ब्लोगर्स अंधे हों और जायें अपनी जान से

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  3. अनूप ले रहे हैं मौज : फुरसत में रहते हैं हर रोज : ति‍तलियां उड़ाते हैं http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/06/blog-post.html सर आप भी एक पकड़ लीजिए नीशू तिवारी की विशेष फरमाइश पर।

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  4. वो पिद्दी...तू पिद्दी का शोरबा

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  5. वैसे तुम्हें कोई पूछे ना पूछे लेकिन एक बात तो पक्की है कि अब लोग तुम्हें पूछने लगेंगे और यही तुम्हारा मकसद भी है
    लगे रहो

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  6. कहना चाहूँगा:::::

    कहते हो जिसे पिद्दी वह पिद्दी नहीं है
    काम लेता है दिमाग से वह जिद्दी नहीं है
    क्यों मिर्ची लगी है तुझे इस अशोसियेशन पर
    लगता है तुझे ज़रा भी बुद्धी नहीं है

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  7. कहना चाहूँगा:::::

    कहते हो जिसे पिद्दी वह पिद्दी नहीं है
    काम लेता है दिमाग से वह जिद्दी नहीं है
    क्यों मिर्ची लगी है तुझे इस अशोसियेशन पर
    लगता है तुझे ज़रा भी बुद्धी नहीं है

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  8. yar duniya ki chinta mat kiya karo apna kam apni imandari se kiya karo kafi he

    इशारो की जबां..............

    छिपायें रखना जज्बातों को अच्छा नहीं |
    डरते जाना जालिम ज़माने से अच्छा नहीं ||

    ना समझ सके जो इशारो की जबां को |
    उन्हें जुबां से समझाना भी अच्छा नहीं ||

    http://kavyawani.blogspot.com/

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  9. संतोस भाई जो शेखर भाई ने कहा है वो सहि है. हम युवा ऐसे ही बढ़ते चला जायेंग.
    युवा शक्ती जिंदाबाद
    जूनियर ब्लोगर एसोसिएसन जिंदाबाद

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  10. विजयी भवः
    हार्दिक शुभकामनायें
    लेकिन दुश्मन कौन है ?

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  11. नाम बड़े और दर्शन छोटे : छोटे नहीं खोटे हैं महाशक्ति : नीशू तिवारी के रट्टू तोते हैं http://pulkitpalak.blogspot.com/2010/06/blog-post_03.html अपनी राय देते जाना जी।

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अपना अमूल्य समय निकालने के लिए धन्यवाद
क्रप्या दोबारा पधारे ! आपके विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं !